भाग 1: शाश्वत नियम

51. भू-अभियांत्रिकी और मौसम में हेरफेर

पृथ्वी ग्रह पर भू-अभियांत्रिकी और मौसम में हेरफेर कम से कम वियतनाम युद्ध के समय से हो रहा है। यद्यपि पहले इसका उपयोग सैन्य-औद्योगिक संकुल द्वारा युद्ध-क्षेत्रों में तथाकथित शत्रुओं के विरुद्ध किया जाता था, परंतु 1988 में आरंभ हुए हार्मोनिक कन्वर्जेंस के बाद से STS शक्तियाँ इसका उपयोग सक्रिय रूप से आम जनता के विरुद्ध कर रही हैं, ताकि अपनी मास्टर कवर योजना "जलवायु परिवर्तन" के अंतर्गत लोगों की धारणा में हेरफेर करके पूर्ण नियंत्रण और निगरानी की न्यू वर्ल्ड ऑर्डर (नई विश्व व्यवस्था) लाई जा सके और 2030 तक पृथ्वी ग्रह को 4 घनत्व की नकारात्मक समय-रेखा में ले जाया जा सके।

जैसा आपने देखा होगा, जलवायु परिवर्तन के अंतर्गत कुछ भी और सब कुछ ढका जा सकता है, चाहे कोई घटना प्राकृतिक हो या जानबूझकर की गई हो, या STS शक्तियों द्वारा पृथ्वी ग्रह को 4 घनत्व का नकारात्मक ग्रह बनाने के अपने हताश प्रयासों में की गई किसी अन्य नकारात्मक घटना के परिणामस्वरूप हुई आनुषंगिक क्षति हो। जब तक किसी सत्ता की कंपन-अवस्था ऊँची न हो, उसके लिए उनकी मीडिया मशीन, जिसमें उनका अत्यंत चुन-चुनकर संचालित तथाकथित अभिव्यक्ति-स्वतंत्रता वाला सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म भी शामिल है, के झूठ के निरंतर जाल को भेदकर देखना बहुत कठिन है।

जागरूकता सशक्त करती है और अज्ञान संकट में डालता है!!!

एक के नियम के सभी विषय

एक संप्रभु मनुष्य कोई डेटा-बिंदु नहीं है।